देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में आनन-फानन में आबकारी कमिश्नर बदलने, किसान आयोग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, बदरीनाथ केदार मंदिर समिति, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग और ऊर्जा विभाग में की गई तमाम नियुक्तियों, ट्रांसफर और प्रमोशन पर सवाल उठाए हैं।
आज सोमवार को उन्होंने आरोप लगाया कि कोऑपरेटिव बैंकों में अब भी बैक डोर से नियुक्तियां जारी हैं। चुनाव आयोग ने आगामी चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया और उत्तराखंड में आचार संहिता लागू हो गई है। जबकि राज्य सरकार लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है। हरीश ने इन नियुक्तियों को आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की बात कही।
उन्होंने मांग की कि तमाम नियुक्तियों, ट्रांसफर और प्रमोशन को रद्द करते हुए इसने संबंधित दस्तावेज चुनाव आयोग अपने कब्जे में ले और संबंधित अधिकारियों का चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
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