नई दिल्ली – इसरो ने शनिवार की शाम 5.35 बजे एक मौसम उपग्रह इनसैट-3डीएस को लॉन्च किया है। इसे जीएसएलवी एफ14 रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया है। इसरो ने बताया कि अभी तक सभी चीजें तय योजना के तहत सही तरीके से हो रही हैं। इस उपग्रह के काम करने के बाद मौसम संबंधी सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की भी समय पूर्व सूचना मिलेगी, जिससे बचाव और राहत कार्यों में मदद मिलेगी।इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शनिवार शाम 5.35 बजे इनसैट-3डीएस सैटेलाइट को लॉन्च किया है। जीएसएलवी एफ14 का ये 16वां मिशन होगा। जीएसएलवी एफ14 महज 20 मिनट में सैटेलाइट को उसके लक्ष्य तक पहुंचा देगा। इनसैट-3डीएस सैटेलाइट समुद्र की सतह का बारीकी से अध्ययन करेगी, जिससे मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी, साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के बारे में भी ज्यादा बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा। जब प्राकृतिक आपदाओं की पहले ही सटीक जानकारी मिलेगी तो उन्हें रोकने के भी प्रभावी उपाय किए जाएंगे। भारतीय मौसम एजेंसियों के लिए ये मौसम उपग्रह बेहद अहम साबित होगा।
ताज़ा ख़बर
- पत्रकारिता जगत ने खोया अपना जिंदादिल साथी, हरीश तिवारी नहीं रहे
- उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव: तीरथ सिंह रावत को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी
- राष्ट्रपति सम्मान से पौड़ी के अशोक सजवाण ने बढ़ाया वीरभूमि का गौरव
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी.पुरुषोत्तम ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचकर लिया जायजा
- सीएम धामी ने पत्नी संग किया कन्या पूजन
- प्रशांत वर्मा की फिल्म ‘जय हनुमान’ का पहला पोस्टर हुआ रिलीज
- रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का दिव्य अभिषेक
- उत्तराखंड दौरे पर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,मुख्य सचिव ने परखी तैयारियां
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की एक और बड़ी सफलता, रॉकेट इंजनों के लिए हल्का नोजल किया तैयार
- पतंजलि आयुर्वेद को भ्रामक विज्ञापन मामले में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए एक सप्ताह का समय मिला
- झेलम नदी में नाव डूबी, चार की मौत, दस छात्रों समेत कई लापता
- उत्तराखंड में आज से सील हो जाएंगी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं, 12 पोलिंग पार्टियां होंगी रवाना

